भोले विनती मेरी स्वीकार करो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे करू पुकार,

भोले विनती मेरी स्वीकार करो।।

देवों के देव तुम्ही भोले,

कहलाते महादेव भोले,

तेरे दर पे करू पुकार,

भोले विनती मेरी स्वीकार करो।।

भोले तेरा रूप निराला है,

कहलाये डमरू वाला है,

तेरे दर पे करू पुकार,

भोले विनती मेरी स्वीकार करो.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।