अब क्या होगा मेरा राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अब क्या होगा मेरा राम बीच बुढ़ापे में,

बीच बुढ़ापे में, बीच बुढ़ापे में,

अब क्या होगा मेरा राम बीच बुढ़ापे में......-4

संगमरमर का महल बनाया,

कूलर पंखा उसमे लगाया,

बहु बेटे को उसमे बिठाया,

और मेरी घटिया बहार,

बीच बुढ़ापे में...

अब क्या होगा मेरा राम बीच बुढ़ापे में।।

मन मर्ज़ी का खाना नहीं मिलता,

जैसे मिलता खाना पड़ता,

रोटी ऊपर अचार,

बीच बुढ़ापे में...

अब क्या होगा मेरा राम बीच बुढ़ापे में।।

जैसी करनी वैसी भरनी,

राम जी करेंगे बेड़ा पार,

बीच बुढ़ापे में...

अब क्या होगा मेरा राम बीच बुढ़ापे में।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।