माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,

माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,

सही है सही है सही है सही,

तू करुणामयी और ममतामयी है,

सही है सही है सही है सही।।

कोई दुर्गा काली भवानी कहे,

कोई अम्बे या वैष्णो रानी कहे,

महामाया गौरी तू कात्यायनी,

तु ही शारदे लक्ष्मी नारायणी,

तेरे नामो का कोई अंत नहीं है,

सही है सही है सही है सही।।

तुम्ही ने बनाया ये संसार माँ,

ये चंदा सितारे सूरज आसमां,

ये पर्वत ये झरने ये फूल और वन,

जिसे देख मन हो रहा है मगन,

तेरी ही कृपा से टिकी धरती है,

सही है सही है सही है सही।।

मुझे अपनी भक्ति का वरदान दो,

दया अब करो माँ मुझे ज्ञान दो,

हो आशा मेरी पूरी मातेश्वरी,

मेरे दिल में हो बस मूरत तेरी,

तेरे ‘लख्खा’ की मैया विनती यही है,

यही है यही है यही है यही।।

माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,

माँ वेदो ने जो तेरी महिमा कही है,

सही है सही है सही है सही,

माँ तू करूँणा मई और ममता मयी है,

सही है सही है सही है सही।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।