मेरी विनती सुनो हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरी विनती सुनो हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ,

आया हूँ जी आया हूँ,

शरण तेरी मैं आया हूँ,

पत रखना दयानिधान,

शरण तेरी आया हूँ,

मेरी विनती सुनों हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ।।

तुम बलबुद्धि के दाता हो,

तुम मेरे भाग्य विधाता हो,

तुम सकल गुणों की खान,

शरण तेरी आया हूँ,

मेरी विनती सुनों हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ।।

तुम संकट मोचन कारी हो,

बाबा शिव शंकर अवतारी हो,

तुम सा ना कोई बलवान,

शरण तेरी आया हूँ,

मेरी विनती सुनों हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ।।

तेरी हर घर में होती पूजा,

कोई और नहीं तुमसे दूजा,

रखते हो सबका मान,

शरण तेरी आया हूँ,

मेरी विनती सुनों हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ।।

बस मुझको भरोसा तेरा है,

बाबा कोई नहीं यहाँ मेरा है,

तेरा ‘भीमसेन’ नादान,

शरण तेरी आया हूँ,

मेरी विनती सुनों हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ।।

मेरी विनती सुनो हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ,

आया हूँ जी आया हूँ,

शरण तेरी मैं आया हूँ,

पत रखना दयानिधान,

शरण तेरी आया हूँ,

मेरी विनती सुनों हनुमान,

शरण तेरी आया हूँ।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।