भगवन आस लगाए कब से

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भगवन आस लगाए कब से,

देखो बाट निहारे है,

फसी है बीच भवर नईया,

भगवन तुमको पुकारे है।।

दर दर ठोकर मैंने खाई,

दर दर जाकर ज्योत जलाई,

अब तो सुन लो मेरी पुकार,

भगवन बाट निहारे है,

भगवन आस लगाए कब से,

देखो बाट निहारे है।।

मैं पापी मुझे देदो सहारा,

दूर बसनो से देदो किनारा,

भगवन आस लगाए कब से,

देखो बाट निहारे है,

अब तो सुन लो मेरी पुकार,

भगवन बाट निहारे है,

भगवन आस लगाए कब से,

देखो बाट निहारे है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।