मेरी लक्ष्मी माता आजा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी लक्ष्मी माता आजा, तेरे भक्त खड़े है गली गली.....-3

मैया घी का दीप जलाया, ये जगमग ज्योति जली जली,

मेरी लक्ष्मी माता आजा, तेरे भक्त खड़े है गली गली॥

मैया अंगना सोहणा सजाया, फूलो की बिखेरी कली कली,

मेरी लक्ष्मी माता आजा, तेरे भक्त खड़े है गली गली॥

मैया आसन तेरा सजाया, आसन की चर्चा गली गली,

मेरी लक्ष्मी माता आजा, तेरे भक्त खड़े है गली गली॥

मैया अब तो दर्श दिखादे, ये रैना जाये ढली ढली,

मेरी लक्ष्मी माता आजा, तेरे भक्त खड़े है गली गली॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।