आया कार्तिक मास दीप तुलसा मैं जलाऊंगी

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आया कार्तिक मास दीप तुलसा मैं जलाऊंगी....-3

जब तुलसा लक्ष्मी बन आई,

विष्णु जी के मन को भाई,

बन गई उनकी दुल्हनिया, दीप तुलसा मैं जलाऊगी,

आया कार्तिक मास दीप तुलसा मैं जलाऊंगी॥

जब तुलसा गौरा बन आई,

भोले जी के मन को भाई,

बन गई उनकी दुल्हनिया, दीप तुलसा मैं जलाऊगी,

आया कार्तिक मास दीप तुलसा मैं जलाऊंगी॥

जब तुलसा सीता बन आई,

रामा जी के मन को भाई,

बन गई उनकी दुल्हनिया, दीप तुलसा मैं जलाऊगी,

आया कार्तिक मास दीप तुलसा मैं जलाऊंगी॥

जब तुलसा राधा बन आई,

कान्हा जी के मन को भाई,

बन गई उनकी दुल्हनिया, दीप तुलसा मैं जलाऊगी,

आया कार्तिक मास दीप तुलसा मैं जलाऊंगी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।