हम दीवाने द्वार तुम्हारे आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय जय श्री श्याम,

जय जय श्री श्याम,

हम दीवाने द्वार तुम्हारे,

आये बाबा श्याम,

शरण तुम ले लो ना।

हम दीवाने दीवाने,

तेरे दीवाने दीवाने

तेरे दीवाने दीवाने

मेरे श्याम,

हम दीवाने दीवाने,

तेरे दीवाने दीवाने

तेरे दीवाने दीवाने

मेरे श्याम।

हम दीवाने द्वार तुम्हारे,

आये बाबा श्याम,

शरण तुम ले लो ना,

श्याम शरण तुम ले लो ना,

श्याम शरण तुम लेलो ना,

हम दीवाने द्वार तुम्हारे,

आये बाबा श्याम,

शरण तुम ले लो ना।।

दुनियाँ की माया में,

व्यर्थ ही समय गवाया है,

जिसको भी अपना समझा,

उसी से धोखा खाया है,

हार गए जब जग वालों से,

आये तेरे धाम,

शरण तुम ले लो ना,

हम दीवाने द्वार तुम्हारे,

आये बाबा श्याम,

शरण तुम ले लो ना।

घोर ग़मों की रातों में,

होता नहीं गुजारा है,

हमने तो बस यही सुना,

तू हारे का सहारा है,

अपने बाबा हार गए तो,

जाएं कौनसे धाम,

शरण तुम ले लो ना,

हम दीवाने द्वार तुम्हारे,

आये बाबा श्याम,

शरण तुम ले लो ना।

हर ग्यारस पर श्याम प्रभु,

हमको धाम बुला लेना,

‘दीपू’ की बस यही अर्जी,

प्रेमी हमें बना लेना,

‘भानु’ भी चरणों का भिखारी,

याद करे सुबह शाम,

शरण तुम ले लो ना...... ,

हम दीवाने द्वार तुम्हारे,

आये बाबा श्याम,

शरण तुम ले लो ना........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।