मुझे सांवरे के दर से कुछ ख़ास मिल गया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे सांवरे के दर से,

कुछ ख़ास मिल गया है,

जो अब तलक ना टूटा... श्याम,

जो अब तलक ना टूटा,

वो विश्वास मिल गया है,

मुझे सांवरे के दर से,

कुछ ख़ास मिल गया है।।

इसके भरोसे मैं तो,

आगे ही बढ़ता जाता,

हो लाख राहें धुंधली,

पर डर नहीं सताता

ये साथ चल रहा है,

एहसास मिल गया है,

जो अब तलक ना टूटा.. श्याम,

जो अब तलक ना टूटा,

वो विश्वास मिल गया है,

मुझे सांवरे के दर से,

कुछ ख़ास मिल गया है।

जबसे जुड़ा हूँ दर से,

मेरी मौज हो गयी है,

होली दिवाली मेरी,

अब रोज़ हो गई है,

अंधियारे मन को मेरे,

प्रकाश मिल गया है,

जो अब तलक ना टूटा... श्याम,

जो अब तलक ना टूटा,

वो विश्वास मिल गया है,

मुझे सांवरे के दर से,

कुछ ख़ास मिल गया है।

क्या होगा क्या ना होगा,

जब दिल समझ ना पाया

सोनू भरोसा इसका,

उस वक़्त काम आया,

मुझे हारने ना देगा,

आभास मिल गया है,

जो अब तलक ना टूटा.. श्याम,

जो अब तलक ना टूटा,

वो विश्वास मिल गया है,

मुझे सांवरे के दर से,

कुछ ख़ास मिल गया है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।