तुलसा हरी भरी मेरे राम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तुलसा सीचन मैं चली गणेश मेरे साथ,

तुलसा सीचियो मेरे राम,

नित उठ तुलसा सीचियो ग्यारस को करीयो नेम,

तुलसा हरी भरी मेरे राम॥

पहली पौड़ी मैं चढ़ी मेरे ठोकर लागी पाँव,

तुलसा सीचियो मेरे राम,

नित उठ तुलसा सीचियो ग्यारस को करीयो नेम,

तुलसा हरी भरी मेरे राम॥

दूजी पौड़ी मैं चढ़ी मेरो थरथर कांपे हाथ,

तुलसा सीचियो मेरे राम,

नित उठ तुलसा सीचियो ग्यारस को करीयो नेम,

तुलसा हरी भरी मेरे राम॥

तीजी पौड़ी मैं चढ़ी मेरा सिर से उड़ गयो चीर,

तुलसा सीचियो मेरे राम,

नित उठ तुलसा सीचियो ग्यारस को करीयो नेम,

तुलसा हरी भरी मेरे राम॥

चोथी पौड़ी मैं चढी मेरी खुल गई बजर किबाढ़,

तुलसा सीचियो मेरे राम,

नित उठ तुलसा सीचियो ग्यारस को करीयो नेम,

तुलसा हरी भरी मेरे राम॥

पांचवी पौड़ी मैं चढ़ी मुझे मिल गए सतगुरु आप,

तुमसा सीचियो मेरे राम,

नित उठ तुलसा सीचियो ग्यारस को करीयो नेम,

तुलसा हरी भरी मेरे राम॥

तुलसा सीचन मैं चली गणेश मेरे साथ,

तुलसा सीचियो मेरे राम.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।