हर ग्यारस खाटू आने का प्रबंध कर दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर,

दे बुलंद कर दे,

हर ग्यारस खाटू आने का,

प्रबंध कर दे,

मस्ती में अपनी मलंग कर दे,

हर ग्यारस खाटू आने का,

प्रबंध कर दे,

बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर,

दे बुलंद कर दे।।

यूँ तो तेरे खाटू नगर में,

हर रात ग्यारस की रात है

क्या फागण क्या सावन वहाँ पर,

कृपा बरसती दिन रात है,

मुझपे भी कृपा तू चंद कर दे,

चंद कर दे,

हर ग्यारस खाटू आने का,

प्रबंध कर दे,

बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर,

दे बुलंद कर दे।।

नाज़ है मुझको किस्मत पे मेरी,

मैंने तुम्हारा दर पा लिया,

सेवा पूजा कुछ भी ना जानू,

तूने तो फिर भी अपना लिया,

दर दर भटकना अब तो बंद कर दे,

बंद कर दे,

हर ग्यारस खाटू आने का प्रबंध कर दे,

बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर,

दे बुलंद कर दे।।

धन दौलत की परवाह नहीं है,

अपनी मुलाकात होती रहे,

जब तक सांसें चले मेरे घर में,

बाबा तुम्हारी ज्योति रहे,

‘अमरीश’ मांगे आनंद कर दे,

आनंद कर दे,

हर ग्यारस खाटू आने का प्रबंध कर दे,

बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर,

दे बुलंद कर दे,

हर ग्यारस खाटू आने का प्रबंध कर दे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।