श्री रामजी के प्यारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बोलिये बालाजी महाराज की जय

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो,

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो,

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो,

तुम ज्ञान के हो सागर,

तीनो लोक में उजागर,

मेरे कष्ट हरो हम पे दया करो,

हा मैंने भी जान लिया है,

तुम हो बलशाली मान लिया है,

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो,

तुम ज्ञान के हो सागर,

तीनो लोक में उजागर,

मेरे कष्ट हरो हम पे दया करो,

हा मैंने भी जान लिया है,

तुम हो बलशाली मान लिया है,

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो॥

बचपन में तुम्ही ने रवी मुख में छुपाया,

घनघोर अंधेरा भूमंडल पे छाया,

देवो की अर्चना से मणि मुख से निकाला,

किरपा से तुम्हारी हुआ जग में उजाला,

तुम हो दुनिया के वाली मैं हूँ तेरा सवाली,

झोली मेरी भरो, झोली मेरी भरो,

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो॥

बालाजी जय हो तेरी

शक्ति को दिखा के रावण को डराया,

सुधि माता की लाये सुखी सबको बनाया....-2

मैं तेरा पुजारी तू मेरा है दाता,

मैं सेवक हूँ तेरा तू मेरा विधाता,

नित श्याम और सवेरे गुणगान करू तेरे,

दर्शन दिया करो, दर्शन दिया करो,

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो,

तुम ज्ञान के हो सागर,

तीनो लोक में उजागर,

मेरे कष्ट हरो हम पे दया करो,

श्री रामजी के प्यारे माँ अंजनी के दुलारे,

हम पे दया करो, हम पे दया करो,

तुम ज्ञान के हो सागर,

तीनो लोक में उजागर,

मेरे कष्ट हरो मेरे कष्ट हरो।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।