नज़र उतार दूँ

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

गर जोर मेरो चाले,

हीरा मोत्या से नजर उतार दूँ,

जईया वारु लूण राई बाबा,

सोना चांदी वार दूँ,

गर जोर मेरो चाले,

हीरां मोत्या से नजर उतार दूँ.......

प्यारा प्यारा बालाजी का,

खूब सज्या दरबार जी,

सोणा सोणा चाँद सा बाबा,

बन बैठ्या सरकार जी,

काली टिकी लगावण ताई,

काली टिकी लगावण ताई,

सूरज निचे उतार दूँ,

गर जोर मेरो चाले,

हीरां मोत्या से नजर उतार दूँ.......

प्यारा प्यारा बालाजी का,

खूब सज्या दरबार जी,

सोणा सोणा चाँद सा बाबा,

बन बैठ्या सरकार जी,

असुवन की गंगा से आका,

असुवन की गंगा से आका,

चरण पखार दूँ,

गर जोर मेरो चाले,

हीरां मोत्या से नजर उतार दूँ.......

सालासर में बालाजी का,

खूब सज्या दरबार जी,

सोणा सोणा चाँद सा बाबा,

बण बैठ्या सरकार जी,

बनवारी आने निरख निरख कर,

सो सो जनम गुजार दूँ,

गर जोर मेरो चाले,

हीरां मोत्या से नजर उतार दूँ........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।