सखी री बरसाने में आज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सखी री बरसाने में आज,

लाडली प्यार लुटाती है,

गुणो की बात मत छेड़ो,

अवगुणो पे रीझ जाती है,

सखी री बरसानें में आज,

लाडली प्यार लुटाती है।।

ना जाने क्या भरा जादू,

है इनके नैन कमलों में,

निहारे कोर करुणा की,

झोलियाँ भर भर जाती हैं,

सखी री बरसानें में आज,

लाडली प्यार लुटाती है।।

विराजे ऊँची अटारी पर,

खोल करुणा की पिटारी को,

जिन्हें दुनिया ठुकराती है,

ये सीने से लगाती है,

सखी री बरसानें में आज,

लाडली प्यार लुटाती है।।

दया की सिंधु है श्यामा,

कृपा की खान है प्यारी,

जिनके ऊपर ये बरसे,

उन्हें बरसाना बुलाती है,

सखी री बरसानें में आज,

लाडली प्यार लुटाती है।।

कहाँ मेरी लाडली श्यामा,

कहाँ औक़ात है मेरी,

कभी ये दोष ना देखे,

तभी तो भक्तों को भाती है,

सखी री बरसानें में आज,

लाडली प्यार लुटाती है।।

सखी री बरसाने में आज,

लाडली प्यार लुटाती है,

गुणो की बात ना पूछो,

अवगुणो पे रीझ जाती है,

सखी री बरसानें में आज,

लाडली प्यार लुटाती है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।