मेरा शाम नंदलाल है जग से निराला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा शाम नंदलाल है जग से निराला ।।

जग से निराला ,सारे जग से निराला ।।

शाम नंदलाल गौकूल में खेले ।।२।।

जिसने उठाया है पहाड़ वो मेरा शाम नंदलाल......

बलदाऊ के संग माखन चुराए ।।२।।

जिस के मुख में दुनिया समाये मेरा शाम नंदलाल......

राधा ने जिसको प्यार आपना माना ।।२।।

जिस ने गोपियों को नाच नचाया मेरा शाम नंदलाल ......

शाम मेरे ने अर्जून को बचाया।।२।।

दुनिया को गीता का पाठ पढ़ाया मेरा शाम नंदलाल.....

शाम मेरे ने द्वारका को बसाया ।।२।।

जिसने दुनिया को सत्य की राह दिखाया मेरा शाम नंदलाल....

लिखित :- पंडित अंकित जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।