इक जोगी आया नी सयिओं

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

इक जोगी आया नी... सयिओं ॐ नमः शिव करदा,

ओ रस्ता पुछदा ए... सयिओं माँ रत्नो दे घर दा,

इक जोगी आया नी... सयिओं ॐ नमः शिव करदा।।

नूरी मुखड़ा चमका मारे, दिल मेरा भरमाया,

सोने रंगिया भावरिया ने, कैसा जादू पाया,

मैं तकदी रह गयी नी... उसदा मुखड़ा सूरज वरगा,

इक जोगी आया नी... सयिओं ॐ नमः शिव करदा।।

माँ रत्नो दे दर ते आके, उसने अलख जगाई,

वेख के बालक माता रत्नो, अंदरो बाहर आयी,

तकया जग सारा वे, जोगिया कोई ना तेरे वरगा,

इक जोगी आया नी... सयिओं ॐ नमः शिव करदा।।

मिठिया मिठिया गल्ला सुनके जोगी दा दिल हिलिया,

मेरा जग विच भी नी कोई, तेरा सहारा मिलया,

मैं नौकर बन जावा, जिहड़ा प्यार मेरे नाल करदा,

इक जोगी आया नी... सयिओं ॐ नमः शिव करदा,

ओ रस्ता पुछदा ए... सयिओं माँ रत्नो दे घर दा,

इक जोगी आया नी... सयिओं ॐ नमः शिव करदा।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।