जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए

श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए, जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए,

गुम जमाने के सारे, गुम जमाने के सारे,किनारे हुए,

वो एक नज़र सा डाल के जादू सा कर गये, नज़ारे मिला के मुझसे ना जाने किधर गये,

दुनिया से तो मिली थी मुझे हर कदम पे चोट,

पर उनकी एक नज़र से मेरे जख्म भर गये, पर उनकी एक नज़र से मेरे जख्म भर गये,

अब कही देखने की ना ख्वाइश रही, अब कही देखने की ना ख्वाइश रही,

जबसे वो मेरी, जबसे वो मेरी, नॅज़ारो के तारे हुए,

गुम जमाने के सारे, गुम जमाने के सारे,

किनारे हुए,

जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए, जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए,

दर्द ही अब हुमारी डॉवा बन गया,

यह दर्द भी दौलत है, यह दाग भी दौलत है,

जो कुच्छ भी यह दौलत है,

वो तेरी ही बडोलात है, प्यारे

गुम जमाने के सारे, गुम जमाने के सारे,किनारे हुए,

जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।