मेरे मन में बसे भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मन में बसे भोलेनाथ, हरपल याद करू....-4

जबसे देखी शान निराली,

भोले की मैं हो गयी दीवानी,

मेरे मन में बसे भोलेनाथ, हरपल याद करू....

भोले जी देखो महादानी,

भोले जी देखो वरदानी,

मेरे मन में बसे भोलेनाथ, हरपल याद करू....

जग में तुमसा कोई ना दाता,

तुम ही हो भोले भाग्य विधाता,

मेरे मन में बसे भोलेनाथ, हरपल याद करू......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।