नेकी के रास्ते पे भगवन हमें चलाना

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॥ पावन पाठ ॥

नेकी के रास्ते पे भगवन हमें चलाना,

नेकी के रास्ते पे भगवन हमें चलाना,

तुम साथ हो हमारे,

दाता यक़ीं दिलाना,

दुनिया की हर बदी से,

दुनिया की हर बदी से,

दाता हमें बचाना,

तुम साथ हो हमारे ,

पल पल यकीं दिलाना,

नेकी के रास्ते पे भगवन हमें चलाना।

पग पग पे उलझनों ने शतरंज है बिछाई,

पग पग पे उलझनों ने शतरंज है बिछाई,

थामे सदा तू रखना,

यूँ ही मेरी कलाई,

भटकूं अगर कभी तो,

सच्ची डगर दिखाना,

भटकूं अगर कभी तो,

सच्ची डगर दिखाना,

दुनिया की हर बदी से दाता हमें बचाना,

तुम साथ हो हमारे,

पल पल यकीं दिलाना,

नेकी के रास्ते पे भगवन हमें चलाना।

होनी बहुत प्रबल है,

कमज़ोर ज़िन्दगी है,

होनी बहुत प्रबल है,

कमज़ोर ज़िन्दगी है,

हाथों में तेरे अब तो,

हर ग़म है, हर ख़ुशी है,

हमने सिवाय इसके,

कुछ भी न और जाना,

हमने सिवाय इसके,

कुछ भी ना और जाना,

तुम साथ हो हमारे,

तुम साथ हो हमारे,

पल पल यकीं दिलाना,

दुनिया की हर बदी से मालिक हमें बचाना,

नेकी के रास्ते पे भगवन हमें चलाना,

नेकी के रास्ते पे भगवन हमें चलाना,

नेकी के रास्ते पे हरदम हमें चलाना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।