आँखें खोलूं तो तू नज़र आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आँखें खोलूं तो तू नज़र आएं,

आँखें बंद करूँ तो तू नज़र आये,

हर जगह सांवरे बस तू नज़र आये,

आँखें खोलूँ तो तू नजर आए,

आँखें बंद करूँ तो तू नज़र आये।।

हर ग्यारस को सांवरिया,

मुझे खाटू बुलाते रहना,

छोटा सा हूँ दास तुम्हारा,

दिल से लगाते रहना,

मेरे दिल का ये ही है,

अरमान सांवरे,

आँखें खोलूँ तो तू नजर आए,

आँखें बंद करूँ तो तू नज़र आये।।

खाटू की पावन गलियों में,

जीवन बीते मेरा,

अंत समय जब आये मेरा,

वो स्थान हो तेरा,

मेरे दिल की ये ही है,

एक आस सांवरे,

आँखें खोलूँ तो तू नजर आए,

आँखें बंद करूँ तो तू नज़र आये।।

बड़ा ही पावन बड़ा निराला,

खाटू धाम हमारा,

जो भी यहाँ पर हार के आया,

उसको मिला सहारा,

‘सोनू गौतम’ के हो तुम आधार सांवरे,

सब भक्तों के हो तुम आधार सांवरे,

आँखें खोलूं तो तू नज़र आये,

आँखें बंद करूँ तो तू नज़र आये,

हर जगह सांवरे बस तू नज़र आये,

आँखें खोलूँ तो तू नजर आए,

आँखें बंद करूँ तो तू नज़र आये।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।