राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( कान्हा की तस्वीर पे, रख के राधे हाथ,

कान्हा की तस्वीर पे, रख के राधे हाथ,

सच्ची सच्ची बोलना, हम पूछे जो बात। )

बोल बांके बिहारी की जय.....

राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा,

राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

राधे राधे रटे हर घड़ी बाँवरा,

राधे राधे रटे हर घड़ी बाँवरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा।

तुम ना आये तो जमुना पे आता नहीं,

तुम ना हो तो ये बंसी बजाता नहीं,

तेरी पानी सी लस्सी भी हँस के पिए,

हम खिलाये तो माखन भी खाता नहीं,

हम खिलाये तो माखन भी खाता नहीं,

जादू टोना... जादू टोना बता कौन सा है करा,

जादू टोना बता कौन सा है करा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा।

तेरी गलीयो के चक्कर लगाने लगा,

रोज़ बरसाने में आने जाने लगा,

चूड़ी वाली कभी मेहंदी वाली कभी,

रूप निश दिन नए ये बनाने लगा,

रूप निश दिन नए ये बनाने लगा,

दे जवाब... दे जवाब आज तू सोलह आने खरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा।

कल तलक जो ‘चरणजीत’ का मीत था,

जो निभाता सदा प्रीत की रीत था,

उसकी बंसी तेरे गीत गाने लगी,

जिसकी धुन में लिखा मैंने हर गीत था,

जिसकी धुन में लिखा मैंने हर गीत था,

रह गया... रह गया प्रेम मेरा धरा का धरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

राधा रानी हमें भी बतादे ज़रा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा,

तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा.........

राधे राधे…राधे राधे…राधे राधे…राधे राधे…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।