पूरी अयोध्या में हो रही जय जैकार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पूरी अयोध्या में हो रही जय जैकार

रघुबीर विमान से उतरया जी भगवान

पूरी अयोध्या में .....

सजी अयोध्या तोरण बन्दरबार

हरियाला सुआ तूल रह्या जी भगवान

पूरी अयोध्या में ....

द्वारे द्वारे मंगल कलश धराय,

बन बाग बगीचा फूल रया जी भगवान

पूरी अयोध्या में हो रही .....

सजया पूरी का बालक नारी लोग

अगवानी करण ने घूम रहया जी भगवान

पूरी अयोध्या में हो रही....

नाचे नाचे बंदरिया र साथ

भल रीछ छमा छम कूद रह्या जी भगवान

पूरी अयोध्या में .....

नाचे गावे लुल लुल तोड़े तान,

हनुमान बजावे घुँघरा जी भगवान

पूरी अयोध्या में ....

कहे त्रिलोकी सुनियो दीनानाथ

में जनम ना पाउ दुसरो जी भगवान

पूरी अयोध्या में ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।