प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए

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॥ पावन पाठ ॥

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए,

जुबा पे साईं साईं साईं नाम हो जाए,

जुबा पे साईं साईं साईं नाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।

जब गिरते हुए मैंने तेरे नाम लिया है,

जब गिरते हुए मैंने तेरे नाम लिया है,

तो गिरने ना दिया तूने, मुझे थाम लिया है,

जुबा पे साईं साईं साईं नाम हो जाए,

जुबा पे साईं साईं साईं नाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।

भक्तो पे कृपा करते हो तुम श्री साईं,

चरणों में जगह देते हो तुम श्री साईं,

तुम्हारे चरणों में मेरा मुकाम हो जाए,

तुम्हारे चरणों में मेरा मुकाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।

गर तुम ना करोगे कृपा तो कौन करेगा,

गर तुम ना करोगे कृपा तो कौन करेगा,

गर तुम ना सुनोगी मेरी तो कौन सुनेगा,

गर तुम ना सुनोगे तो मेरी कौन सुनेगा,

जुबा पे साईं साईं साईं नाम हो जाए,

जुबा पे साईं साईं साईं नाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

के इतनी तुम्हारी कृपा हम पे हो जाए,

के इतनी तुम्हारी कृपा हम पे हो जाए,

किसी का नाम लूँ जुबा पे, तुम्हारा नाम आये,

किसी का नाम लूँ जुबा पे, तुम्हारा नाम आये,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए,

प्रभुजी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

श्री साईं श्री साईं, साईं साईं श्री साईं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।