मुरली वाला रे मुरारी मोहन या ले नौकरी थारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुरली वाला रे मुरारी मोहन या ले नौकरी थारी,

या ले नौकरी थारी बाबा या ले नौकरी थारी

मुरली वाला रे मुरारी मोहन.....

मोटो सेठ जानकर थाने करि नौकरी थारी,

मांग्या से भी देवे कोणी निकल्यो मुंजी भारी

मुरली वाला रे मुरारी मोहन......

रोजीना को खर्चो लगे महँगीवाडो भारी

जमा कारन की नाइ समाई दे दे नौकरी महारी

मुरली वाला रे मुरारी मोहन .......

माँगा जद ही हंस कर टालो या के आदत थारी

खरी मजूरी में भी टोटो आँख दिखावे न्यारी

मुरली वाला रे मुरारी मोहन......

थारे काम में मन नहीं लागे चिंता उठ सवारी

महारे तो कुछ काम न आयी थारी लखदातारी

मुरली वाला रे मुरारी मोहन ......

जगदीशयो थारो दास घणेरो करे नौकरी थारी

तड़के तो में जद आउगा कर सुनाई महारी

मुरली वाला रे मुरारी मोहन......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।