मेरी नाव को पार लगा देना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंगबली मेरी नाव चली,

मेरी नाव को पार लगा देना,

मुझे माया मोह ने घेर लिया,

संताप हृदय का मिटा देना,

बजरंगबली मेरी नाव चली,

मेरी नाव को पार लगा देना।

मै दास तो आपका जन्म से हूँ,

बालक और शिष्य भी धर्म से हूँ,

निर्लज्ज विमुख निज कर्म से हूँ

चित से मेरा दोष भुला देना,

बजरंगबली मेरी नाव चली,

मेरी नाव को पार लगा देना..........

दुर्बल गरीब और दीन भी हूँ,

निज कर्म क्रिया गति क्षीण भी हूँ,

बलवीर तेरे आधीन हूँ मैं,

मेरी बिगड़ी बात बना देना,

बजरंगबली मेरी नाव चली,

मेरी नाव को पार लगा देना..........

बल मुझको दे निर्भय कर दो,

यश शक्ति मेरी अक्षय कर दो,

मेरा जीवन अमृतमय कर दो,

संजीवनी मुझे पिला देना,

बजरंगबली मेरी नाव चली,

मेरी नाव को पार लगा देना..........

करूणानिधि नाम तो आपका है,

तुम रामदूत अभिराम प्रभु,

छोटा सा है एक काम मेरा

श्री राम से मोहे मिला देना,

बजरंगबली मेरी नाव चली,

मेरी नाव को पार लगा देना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।