ज्योत से ज्योत जगाओ राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ज्योत से ज्योत जगाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

ज्योत से ज्योत जगाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

राम राम

राम राम

राम राम

सीता राम

राम राम

राम राम

राम राम

सीता राम।

भव नदिया है ये गहरी,

और पुरानी नाव मेरी,

भव नदिया है ये गहरी,

और पुरानी नाव मेरी,

तुम ही पार लगाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

तुम ही पार लगाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

ज्योत से ज्योत जगाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

राम राम

राम राम

राम राम

सीता राम

राम राम

राम राम

राम राम

सीता राम।

जग में साँची प्रीत कहाँ,

स्वार्थ के ही मीत यहाँ,

जग में साँची प्रीत कहाँ,

स्वार्थ के ही मीत यहाँ,

अब तो तुम अपनाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

अब तो तुम अपनाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

ज्योत से ज्योत जगाओ राम,

अपना दास बनाओ राम,

राम राम

राम राम

राम राम

सीता राम

राम राम

राम राम

राम राम

सीता राम।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।