खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( फ़ना बगैर बका का पता नही मिलता,

मिटा खुद को तो श्याम नही मिलता,

मांगने का जो तरीका है मांग लो इस दर से,

इस दर से बन्दों को क्या क्या नही मिलता। )

बोल खाटू नरेश की जय।

खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,

राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे….ओ खाटु वाले…

खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे,

ओ….खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे...

राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे….ओ खाटु वाले…

खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे।

खाटू नगर की महिमा है भारी,

दर्शन पावे सारे नर और नारी,

खाटू नगर की महिमा है भारी,

दर्शन पावे सारे नर और नारी,

खाटु की माटी मेरी आँखों का सुरमा,

आँखों में डालना रे….ओ खाटू वाले…

खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,

राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे।

शीश के दानी की दुनिया दीवानी,

भक्तो को बाबा तेरी ज्योति जगानी,

शीश के दानी की दुनिया दीवानी,

भक्तो को बाबा तेरी ज्योति जगानी,

पाण्डव कुल की आँखों के तारे,

माता के लालना रे….ओ खाटू वाले…

खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,

राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे।

आओ भक्तो हम मिलकर,

गुणगान बाबा का गाये.......

खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,

राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,

दुखिया पे डालना रे...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।