ढूंढ्यो सारो मैं संसार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार,

थांसों दूजो ना सरकार,

सै की बिगड़ी बनाओ,

थे ऐसा जादूगर ॥

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार.....।

समझ में आवे कोणी,

माया संसार की,

प्यार में पड़ोसयाँ बोले,

बातां व्यापार की,

साँचो थारो दरबार,

जग तै न्यारो थारो प्यार,

पल में रोतां ने हँसाओ,

थे ऐसा जादूगर,

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार,

थांसों दूजो ना सरकार,

सै की बिगड़ी बनाओ,

थे ऐसा कारीग़र।

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार.....।

रीत जहाँ की ऐसी,

रोतां ने रुलावे,

बने सवा शेर ये तो,

हारया ने हरावे,

जग से आवे कोई हार,

बाबा थारे दरबार,

हारी बाजी जिताओ,

थे ऐसा बाज़ीगर,

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार,

थांसों दूजो ना सरकार,

सै की बिगड़ी बनाओ,

थे ऐसा कारीग़र।

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार.....।

उलझयो है जीव म्हारो,

माया के जाल में,

थांसे कुछ ना छानो बाबा,

बोलूं काई हाल मैं,

निर्मल ने थारी दरकार,

बाबा थारो ही आधार,

पत राखो थे म्हारी

बड़ी नाज़ुक या डगर,

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार,

थांसों दूजो ना सरकार,

सै की बिगड़ी बनाओ,

थे ऐसा कारीग़र।

ढूंढ्यो सारो म्हे संसार................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।