कान्हा ना भुलाना हमको ना भुलाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा ना भुलाना,

हमको ना भुलाना,

मेरे घर में तुम सदा आते रहना,

तेरा है परिवार तू संग में रहना,

कान्हां ना भुलाना,

हमको ना भुलाना।।

छोटा सा परिवार है मेरा,

छोटा सा संसार है,

मेरे सिर पे हाथ हो तेरा,

बस इतनी दरकार है,

इससे ज्यादा कान्हा,

तुमसे क्या कहना,

तेरा है परिवार,

तू संग में रहना,

कान्हां ना भुलाना,

हमको ना भुलाना।।

किसको क्या बतलाऊ मैं,

किसके द्वारे जाऊ,

तुझको अपने दिल की सुना के,

चैन बड़ा मैं पाऊ,

जो कहना बस तेरे,

आगे ही कहना,

तेरा है परिवार,

तू संग में रहना,

कान्हां ना भुलाना,

हमको ना भुलाना।।

कुछ भी अगर देना साँवरिया,

मुझको इतना देना,

मेरे इस परिवार के सिर पे,

अपना हाथ रख देना,

कहे ‘पवन’ के बार बार,

ये ही कहना,

तेरा है परिवार,

तू संग में रहना,

कान्हां ना भुलाना,

हमको ना भुलाना,

कान्हा ना भुलाना,

हमको ना भुलाना,

मेरे घर में तुम सदा आते रहना,

तेरा है परिवार तू संग में रहना,

कान्हां ना भुलाना,

हमको ना भुलाना..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।