ऊँचा है धाम तेरा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ऊँचा है धाम तेरा,

साचा है नाम तेरा,

माँ

ऊँचा है धाम तेरा,

साचा है नाम तेरा,

सपनो से भरती,

है भक्तो के नैन खाली,

शेरावाली शेरावाली

मेहरावाली मेहरावाली.........

माँ तू पहाड़ो में बनी,

इन गुफाओं में रहे,

हर लहर गंगा की,

तेरे चरणों में बहे,

सर पे लाल चुनर,

जादू माँ की नज़र,

वहां खिल जाते है गुल,

पड़े एक बार जिधर,

झंडे झूलते है,

बजती घंटिया है,

जय माँ जय माँ से,

गूंजती घाटिया है,

आते है लोग यहाँ,

तेरे दर्शनों के लिए,

माँ

हो आते है लोग यहाँ,

तेरे दर्शनों के लिए,

सदियों से ज़माना,

बस तेरा है सवाली,

शेरावाली

शेरावाली शेरावाली

मेहरावाली मेहरावाली.........

तू कहे साँस चले,

तू कहे साँस रुके,

तेरी मर्ज़ी से मैया,

वक्त के पांव उठे,

जो तुझे आज़माये,

वो मैया मात खाये,

यहाँ कही आये गये,

तुझे ना हरा पाए,

माथा टेकता जो,

सुख बस देखता वो,

माँ से दूर ना हो,

बस यही चाहता वो,

दर पे तेरे गुज़र जाये,

ये ज़िंदगानी,

माँ

दर पे तेरे गुज़र जाये,

ये ज़िंदगानी,

दिल में श्रद्धा,

हाथों में पूजा की थाली,

शेरावाली

शेरावाली शेरावाली

मेहरावाली मेहरावाली.........

ऊँचा है धाम तेरा,

साचा है नाम तेरा,

सपनो से भरती,

है भक्तो के नैन खाली,

शेरावाली शेरावाली

मेहरावाली मेहरावाली.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।