कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – अच्छा सिला दिया तूने

कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए,

कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए।।

दुनिया सताए तो सताने दीजिए,

दिल भी दुखाए तो दुखाने दीजिए.......-2

मेहरबा तू ही मेहरबान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए,

कुछ नही करुणानिधान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए।।

धन की ना धुन कभी मन में समाए,

जिसके नशे में तेरा नाम भूल जाए......-2

ऐश का ना कोई भी सामान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए,

कुछ नही करुणानिधान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए।।

ख़ाक भी रमाएंगे रमानी जो पड़े,

झोपड़ी में जिंदगी बितानी जो पड़े......-2

कोठी बंगला ना मकान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए,

कुछ नही करुणानिधान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए।।

क्या कहे जो तेरा नाम ना जपें,

हो के मगन सुबह शाम ना जपें......-2

ऐसी ना बेमोल को जबान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए,

कुछ नही करुणानिधान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए,

कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए,

एक तेरी दया दयावान चाहिए,

कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।