हमको कन्हैया एक तेरा ही आधार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – सौ साल पहले

हमको कन्हैया एक,

तेरा ही आधार है,

तेरा ही आधार है,

आज भी है और,

कल भी रहेगा,

हमको कन्हैया एक।।

ऐ खाटू वाले श्याम,

भरोसा तेरा भारी है,

तेरे ही दम पे ये,

जिंदगानी हमारी है,

मेरा परिवार पूरा,

तेरा कर्जदार है,

तेरा कर्जदार है,

आज भी है और,

कल भी रहेगा,

हमको कन्हेया एक,

तेरा ही आधार है,

आज भी है और,

कल भी रहेगा।।

जो कुछ भी मेरे पास,

तेरी रहमत का जलवा है,

तेरी कृपा से श्याम मेरा,

सब संकट टलता है,

मेरे संग संग रहता,

मेरा मददगार है,

मेरा मददगार है,

आज भी है और,

कल भी रहेगा,

हमको कन्हेया एक,

तेरा ही आधार है,

आज भी है और,

कल भी रहेगा।।

तेरे एहसानो को श्याम,

बोलो कैसे चुकाऊंगा,

जब तक है सांसे मेरी,

मैं तुमको भूल ना पाउँगा,

‘श्याम’ की नैया का बस,

तू ही खिवनहार है,

तू ही खिवनहार है,

आज भी है और,

कल भी रहेगा,

हमको कन्हेया एक,

तेरा ही आधार है,

आज भी है और,

कल भी रहेगा.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।