राम जी के नाम का सुमिरन करलो

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम के नाम का अमृत पी लो,

प्रभु राम जी के नाम का सुमिरन करलो॥

श्री राम जी के नाम ने शबरी को तारा,

शबरी को तारा जी शबरी को तारा,

शबरी के जैसे ध्यान तुम धर लो,

प्रभु राम जी के नाम का सुमिरन करलो॥

अहिल्या का प्रभु ने उद्धार किया है,

उद्धार किया है, उद्धार किया है,

प्रभु नाम के सहारे भव पार तुम कर लो,

प्रभु राम जी के नाम का सुमिरन करलो॥

राम राम रटने से तुलसी भी तर गये,

तुलसी भी तर गये, तुलसी भी तर गये,

कलयुग के सागर से तुम भी आज तर लो,

श्री राम जी के नाम का सुमिरन करलो॥

प्रभु राम जी के सेवक है हनुमत प्यारे,

हनुमत प्यारे जी हनुमत प्यारे,

राम जी के साथ इनका गुणगान कर लो,

प्रभु राम जी के नाम का सुमिरन करलो,

श्री राम के नाम का अमृत पी लो,

प्रभु राम जी के नाम का सुमिरन करलो॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।