तुम पग पग पर समझाते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम पग पग पर समझाते, हम फिर भी समझ न पाते

ये कैसा दोष हमारा, हम गलती करते जाते ।

नादानी जी को जलाये, व्याकुलता बढ़ती जाये,

बैरी मोहन मन मेरा, मुझे क्या क्या रंग दिखाये,

रंगो के रंगमहल मे, हमे नित नये सपने आते ॥

प्रभु निश्चय अटल बना दे, विश्वास का रंग चढा दे,

गुण गाऊंगा मै तेरा, मेरे सारे दोष मिटा दे ,

निर्बलता से मै हारा, मुझे क्यो न सबल बनाते ॥

प्रभु हार गया अब आओ, मुझे आकार सबल बनाओ ,

दामन असुवन से भींगा, 'नंदू' यु न अजमाओ,

है शरम प्रभु हमें खुद पर, हम फिर भी चलते जाते ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।