साई बाबा का जप लो नाम रे

पारंपरिक
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॥ पावन पाठ ॥

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे,

साई करतार है, साई मुक्तार है,

साई बन्दा नवाज़, सच्ची सरकार है,

दुःख हरना ही इसका काम है,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे।

साई गुरु साई ज्ञान का सागर,

साई है जोगी जग से निराला,

जग से निराला, जग से निराला,

हो साई अलौकिक शक्ति का सूरज,

साई सुख का शीतल उजाला,

शीतल उजाला शीतल उजाला,

हर्ता चिंता हरता,

भरता झोली भरता,

सब कुछ इसी के हाथो में,

ला दे सवेरा ये रातो में,

इसके हाथो में सुख बातो में,

है इसकी सिद्धिया गुलाम रे,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे।

साई चरण की धूलि का जो भी माथे अपने टीका करेगा,

टीका करेगा टीका करेगा,

बिन मांगे ही वो पायेगा मोती,

साई उसके संकट हरेगा,

संकट हरेगा संकट हरेगा,

प्यारा सबसे प्यारा,

न्यारा जग से न्यारा,

साई मणि है पारस की,

साई है गंगा प्रेम रस की,

साई पारस है साई प्रेम रस है,

इसके कब्ज़े में सुबहो श्याम रे,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे,

साई करतार है, साई मुक्तार है,

साई बन्दा नवाज़, सच्ची सरकार है,

दुःख हरना ही इसका काम रे,

साई बाबा का जप लो नाम रे,

साई गिरतो को लेंगे थाम रे............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।