उनके दर पे पहुँचने तो पाएं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उनके दर पे पहुँचने तो पाएं,

फिर ना पूछो के हम क्या करेंगे,

सर झुकाना अगर जुलम होगा,

हम निगाहों से सजदा करेंगे॥

बात तेरी भी रखनी है साकी,

इशक को भी ना रुसवा करेंगे,

इस लगी को ना रुसवा करेंगे,

जाम दे यां ना दे आज हमको ,

मयकदा में सवेरा करेंगे,

फिर ना पूछो के हम क्या करेंगे,

उनके दर पे पहुँचने तो पाएं,

फिर ना पूछो के हम क्या करेंगे.........

उधर उनकी भी महफिल जमेंगी,

इधर अपनी भी शम्मा जलेगी,

हम अंधेरों को घर में बुलाकर,

उनके घर में उजाला करेंगे,

फिर ना पूछो के हम क्या करेंगे,

उनके दर पे पहुँचने तो पाएं,

फिर ना पूछो के हम क्या करेंगे.........

क्या कहें क्या हमारे है दिल में,

हसरतें दीद ने मार डाला,

हम झरोखें से ही झांक लेंगे,

गर हम से वो पर्दा करेंगे,

फिर ना पूछो के हम क्या करेंगे,

उनके दर पे पहुँचने तो पाएं,

फिर ना पूछो के हम क्या करेंगे,

सर झुकाना अगर जुलम होगा,

हम निगाहों से सजदा करेंगे.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।