चिंतन करो सुमिरन करो

अनूप जलोटा
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चिंतन करो सुमिरन करो साईं की शरण गहो,

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो॥

वंदन करो ,अर्चन करो ,दर्शन सभी करो,

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो,

चिंतन करो सुमिरन करो साईं की शरण गहो,

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो॥

साई ध्यान में साई ज्ञान में रसपान में रहो

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो,

चिंतन करो सुमिरन करो साईं की शरण गहो,

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो॥

शुभ कामना सद्भावना से याचना करो

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो,

चिंतन करो सुमिरन करो साईं की शरण गहो,

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो॥

साईं साधना, साई प्रार्थना, साईं वंदना करो

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो,

चिंतन करो सुमिरन करो साईं की शरण गहो,

साईं बाबा, साईं बाबा, साईं बाबा, कहो.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।