मेरा तो और ना कोई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

निगाहें फेर क्यू बैठे मेरा तो और ना कोई,

तुम्हारे लाखो दीवाने मेरा तो और ना कोई॥

मैं रह भी पाऊगा कैसे, हुए जो दूर तुम मुझसे,

इशारा तो करो कोई, खता क्या हो गई मुझसे,

कहुँ दिल की बता किससे, मेरा तो और ना कोई,

निगाहें फेर क्यू बैठे मेरा तो और ना कोई॥

अगर तुम मुस्कुराते हो, तो मैं भी मुस्कुराता हु,

मधुर बंशी बजाते हो, तो मैं भी गुनगुनाता हु,

हँसाते हो मैं हँसता हु, मेरा तो और ना कोई,

निगाहें फेर क्यू बैठे मेरा तो और ना कोई॥

तुम्हारे ही भरोसे तो, मेरी ये जिंदगानी है,

मेरी तो प्रीत बस तुमसे, तुम्ही को ही निभानी है,

रुलाए क्यू मुझे लहरी, मेरा तो और ना कोई,

निगाहें फेर क्यू बैठे मेरा तो और ना कोई,

तुम्हारे लाखो दीवाने मेरा तो और ना कोई,

निगाहें फेर क्यू बैठे मेरा तो और ना कोई...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।