भोले नाथ की शादी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज, भोले नाथ की शादी है xll -ll

हो,,, नाथ की शादी है, मेरे वैद्य नाथ की शादी है,,,

आज, भोले नाथ की शादी है xll -ll

नाचे कावड़िया, शिव रात्रि में, आए बाराती हैं,,,

आज, भोले नाथ की शादी है xll -ll

दूल्हे राजा है निराला l गले में नाग माला l

जटा से बहती गंगा l 'तन पे सोहे मृगशाला' l

अंग में भस्म लगाए l क़र में त्रिशूल उठाए l

माथे पे चंदा सोहे l 'हाथ में डमरू सजाए' l

हो,,, शिव शंकर की, बैल सवारी, मन को लुभाती है,,,

आज, भोले नाथ की शादी है xll -ll

ब्रह्मा विष्णु हैं आए l संग देवों को लाए l

स्वर्ग धरती पे आया l 'भक्तजन झूमे गाएं' l

साँप बिच्छू भी आए l नाच बेताल दिखाए l

भोले की लीला न्यारी l 'भूत प्रेतों को लाए' l

हो,,, शिव के बाराती, अज़ब अनोखी घोड़े हाथी हैं,

आज, भोले नाथ की शादी है xll -ll

गौरी मईया है दुल्हनियाँ, सजी देव घर की गलियाँ,

बाजे ढोल मजीरा बाबा धाम में,

(''बोलो बम बम xll'' )

हाथ वर माला ले के, गौरी मईया शर्माए,

'माला भोले बाबा के, गले में डाल के' l

हो,,, पुष्पों की वर्षा होने लगी, जग खुशियाँ मनाती है,,,

आज, भोले नाथ की शादी है xll -ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।