मेरी आस ना तोड़ो बाला जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरी आस ना तोड़ो बाला जी, मेरा संकट काटो बाला जी,

तेरे द्वार पड़े युग बीत गये, मेरा संकट काटो बाला जी॥

मैं जल भर झारी लायी हूँ, तुम प्रेम से नहा लो बाला जी,

मैं चन्दन घिसकर लाई हूँ, तुम तिलक लगा लो बाला जी,

तेरे द्वार पड़े युग बीत गये, मेरा संकट काटो बाला जी॥

मैं चोला लेकर आई हूँ, तुम चोला चढ़ाओ बाला जी,

मैं हार गूंथकर लाई हूँ, तुम प्रेम से पहन लो बाला जी,

तेरे द्वार पड़े युग बीत गये, मेरा संकट काटो बाला जी॥

मैं दूध कटोरा भर लाई, तुम प्रेम से पीलो बाला जी,

मैं लाडू लेकर आई हूँ, तुम भोग लगा लो बाला जी,

तेरे द्वार पड़े युग बीत गये, मेरा संकट काटो बाला जी॥

मैं दूध कटोरा भर लाई, तुम प्रेम से पीलो बाला जी,

मैं घणो चूरमो लेकर आई हूँ, तुम भोग लगा लो बाला जी,

मेरी आस ना तोड़ो बाला जी, मेरा संकट काटो बाला जी॥

मैं संकट लेकर आई हूँ, तुम संकट काटो बाला जी,

मैं जोगन बनकर आई हूँ, तुम दर्शन दे दो बाला जी॥

मैं झोली पसारे आई हूँ, तुम झोली भर दो बाला जी,

मैं मनोकामना लाई हूँ, तुम पूरी कर दो बाला जी,

तेरे द्वार पड़े युग बीत गये, मेरा संकट काटो बाला जी,

तेरे द्वार पड़े युग बीत गये, मेरा संकट काटो बाला जी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।