बस इतनी तमन्ना है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बस इतनी तमन्ना है, बस इतनी तमन्ना है,

महावीर तुम्हे देखूं, हनुमान तुम्हे देखूं ॥

कंधे मूँज जनेऊ हो, बंधी लाल लंगोटी हो,

कंधे मूँज जनेऊ हो, बंधी लाल लंगोटी हो,

बंधी लाल लंगोटी हो,

तन सारा सिन्दूरी हो, तन सारा सिन्दूरी हो,

महावीर तुम्हे देखूं, हनुमान तुम्हे देखूं ॥

छवि हो तेरी आकाशी, एक हाथ गदाधारी,

छवि हो तेरी आकाशी, एक हाथ गदाधारी,

एक हाथ गदाधारी,

दूजे हाथ में पर्वत हो, दूजे हाथ में पर्वत हो,

महावीर तुम्हे देखूं, हनुमान तुम्हे देखूं ॥

हाथों में मंजीरा हो, राम नाम की माला हो,

हाथों में मंजीरा हो, राम नाम की माला हो,

राम नाम की माला हो,

सीने में प्रभु छवि हो, सीने में प्रभु छवि हो,

महावीर तुम्हे देखूं, हनुमान तुम्हे देखूं ॥

दिन हो या अँधेरा हो, चाहे सांझ सवेरा हो,

दिन हो या अँधेरा हो, चाहे सांझ सवेरा हो,

चाहे सांझ सवेरा हो,

सोऊँ तो सपनो में, सोऊँ तो सपनो में,

महावीर तुम्हे देखूं, हनुमान तुम्हे देखूं ॥

बस इतनी तमन्ना है, बस इतनी तमन्ना है,

महावीर तुम्हे देखूं, हनुमान तुम्हे देखूं.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।