दिल तुमको दिया नन्दलाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल तुमको दिया नन्दलाला,

दिल दे के बोहत पछताई,

तूने ये क्या किया नन्दलाला,

दिल तुमको दिया नन्दलाला॥

मैं तो बैठी थी यमुना किनारे,

तूने धक्का दिया नन्दलाला,

तूने ये क्या किया नन्दलाला,

दिल तुमको दिया नन्दलाला॥

तूने मीठी मुरलिया बजाई,

दिल तड़पा दिया नन्दलाला,

तूने ये क्या किया नन्दलाला,

दिल तुमको दिया नन्दलाला॥

मैं तो आई थी पानी भरन को,

कंकर मार दिया नन्दलाला,

तूने ये क्या किया नन्दलाला,

दिल तुमको दिया नन्दलाला॥

मुझे छोड़ गया तू मथुरा,

दिल हुआ रे उदास नन्दलाला,

तूने ये क्या किया नन्दलाला,

दिल तुमको दिया नन्दलाला॥

तूने रातो की नींद चुराई,

हाल बे हाल किया नन्दलाला,

तूने ये क्या किया नन्दलाला,

दिल तुमको दिया नन्दलाला॥

दिल दे के बोहत पछताई,

तूने ये क्या किया नन्दलाला,

दिल तुमको दिया नन्दलाला॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।