जय हो पवन के नंदन

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय हो पवन के नंदन,

जय हो तुम्हारी,

जय हो पवन के नंदन,

जय हो तुम्हारी,

वानर हे देवा तुम्हरी लीला है न्यारी,

हो राघव के सेवक प्यारे,

दैत्यों को मारन हारे,

राघव के सेवक प्यारे,

दैत्यों को मारन हारे,

भक्तो के रक्षण हारे मारुती मारुती,

ये...

ब्रज सा तन है आया,

तुम हो बलशाली,

वार तुम्हारा कोई जाये ना खाली,

हो सेवक तुम आज्ञाकारी,

हनुमंता ब्रह्मचारी,

सेवक तुम आज्ञाकारी,

हनुमंता ब्रह्मचारी,

महावीरा संकटहारी आंजने, हो तुम्ही...

जय....

ज्ञानी तुम हो बजरंगी,

गुण के हो सागर,

तीनो लोको को तुम्ही करते उजागर,

जो भी है तुमको ध्याते,

बल बुद्धि विद्या पाते,

दर्शन से ही तर जाते भव से ही वे सभी,

है...

कंचन बरन विराजे,

तन पे सुबेसा,

कानन में कुण्डल सोहे,

कुंचित है केसा,

ये..

व्रज है दाएं कर में,

ध्वजा है बाएं कर में,

व्रज है दाएं कर में,

ध्वजा है बाएं कर में,

तन पे जनेऊ पहनी आपने आपने,

जय...

हा सीने लगाया प्रभु ने,

किन्ही बढ़ाई,

बोले भारत जैसे हो तुम मेरे भाई,

जो भी तुम्हरो जस गावै,

मांगे वो जग में पावै,

मुक्ति पा वैकुण्ठ जावै अंत में अंत में,

सुग्रीव पे तुमने था उपकार कीन्हा,

प्रभु से मिलवाया पद भी राजा का दिन्हा,

विभीषण भी था स्याना,

तुम्हरा वो कहना माना,

विभीषण भी था स्याना,

तुम्हरा वो कहना माना,

लंकेश्वर सबने जाना वो बना वो बना,

मुख में सूरज को लीन्हा फल जान के,

लंका तुम पहुंचे सागर भी लाँघ के,

बंधी थी जहाँ पे माई सुधि उनकी तुमने पायी,

बंधी थी जहाँ पे माई सुधि उनकी तुमने पायी,

लंका में आग लगायी तुमने ही तुमने ही,

जय...

जय हो पवन के नंदन,

जय हो तुम्हारी,

जय हो पवन के नंदन,

जय हो तुम्हारी,

वानर हे देवा तुम्हरी लीला है न्यारी,

हो राघव के सेवक प्यारे,

दैत्यों को मारन हारे,

राघव के सेवक प्यारे,

दैत्यों को मारन हारे,

भक्तो के रक्षण हारे मारुती मारुती,

जय....

जय हो पवन के नंदन,

जय हो तुम्हारी,

जय हो पवन के नंदन,

जय हो तुम्हारी,

जय..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।