सीताराम सीताराम कहिये

अनूप जलोटा
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥

मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में,

तू अकेला नाहिं प्यारे राम तेरे साथ में.....-2

विधि का विधान जान हानि लाभ सहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये ॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये........

किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा,

होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा.....-2

फल आशा त्याग शुभ काम करते रहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये........

ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के

महलो में राखे चाहे झोपड़ी में वास दे.......-2

धन्यवाद् निर्विवाद राम नाम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये.......

आशा इक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे,

नाता एक रामजी से दूजा नाता तोड़ दे.....-2

साधु संग राम रंग अंग अंग रंगिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये,

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।