मैं तेरे सामने सर झुकाता रहू

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बलवीरा महावीरा बजरंगी हे बाला

मैं तेरे सामने सर झुकाता रहू,

सर पे कर हो तेरा ऐसी किरपा करो,

मैं तेरे नाम को गुनगुनाता रहू,

मेरे मन में प्रभु ऐसी भावना भरो,

जगत संग दिल है कठिन मंज़िल है,

जगत संग दिल है कठिन मंज़िल है,

तुम्ही बताओ भक्ति कैसे करु,

मैं तेरे सामने सर झुकाती रहू,

सर पे कर हो तेरा ऐसी किरपा करो,

मैं तेरे नाम को गुनगुनाती रहू,

मेरे मन में प्रभु ऐसी भावना भरो,

जगत संग दिल है कठिन मंज़िल है,

जगत संग दिल है कठिन मंज़िल है,

तुम्ही बताओ भक्ति कैसे करु,

मैं तेरे सामने सर झुकाती रहू,

सर पे कर हो तेरा ऐसी किरपा करो।

बलवीरा महावीरा बजरंगी हे बाला

अजब है तू अमर है तू,

हर एक युग में बराबर तू,

मेरी विनती सुनो बाबा शरणगत तेरी,

काम पे है विजय तेरी ऋषि वृंदन विजय तेरी,

तेरी शक्ति बताने की ना ताकत मेरी,

भक्त होंगे भक्ति होगी,

बड़े तुझसे ना शक्ति होगी,

मैं तेरी बालाजी महिमा गाता रहू,

सर पे कर हो तेरा ऐसी किरपा करो।

बलवीरा महावीरा बजरंगी हे बाला

कोई तुमसा तपस्वी ना, कोई तुमसा यशस्वी ना,

कपीश्वर ना ध्यानी, ना कोई भाता,

ना कोई योगी तुमसा है, ना कोई रुद्र तुमसा है,

पवनसुत तुमसा ना ज्ञानी, ना कोई ज्ञाता,

लगन ही से तू मिलता है,

चमन उजड़ा भी खिलता है,

मैं अगम और अगोचर को पाता रहू,

सर पे कर हो तेरा ऐसी किरपा करो,

मैं तेरे नाम को गुनगुनाता रहू,

मेरे मन में प्रभु ऐसी भावना भरो,

जगत संग दिल है कठिन मंज़िल है,

तुम्ही बताओ भक्ति कैसे करु,

मैं तेरे सामने सर झुकाता रहू,

सर पे कर हो तेरा ऐसी किरपा करो।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।