शम्भू महाकाल जागो रे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है,

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है,

महादेव तत्काल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे।

दूषण से दैत्यों ने फिर जग को घेरा,

छा गया संकट का घोर अँधेरा,

डोले रे मजधार सत्य की नैया,

आओ सदाशिव बनके खेवैया,

फिर तेरे जीवों पे छाने लगा है,

फिर तेरे जीवों पे छाने लगा है,

कष्टों का जंजाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे।

आशा को फिर से दबोचे निराशा,

दूर से बैठे न देखो तमाशा,

लगी जो रही तेरी यूं ही समाधी,

करेंगे अनर्थ पापी अपराधी,

देखो रे भक्तों के सिर पे भयंकर,

देखो रे भक्तों के सिर पे भयंकर,

मंडराता है काल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे।

आजा रे डमरू बजाने को आजा,

दुष्टों को तांडव दिखाने को आजा,

नाश बुराइयों का करना पड़ेगा,

तीसरा चक्षु खोलना पड़ेगा,

हम तेरी करुणा के भूखे हैं कब से,

हम तेरी करुणा के भूखे हैं कब से,

अब तो हे किरपाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे।

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है,

फिर तेरे भक्तों पे विपदा पड़ी है,

महादेव तत्काल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

जागो रे जागो रे जागो रे,

शम्भू महाकाल जागो रे,

जागो रे शम्भू महाकाल.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।