कईया होसी हार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कईया होसी हार म्हाने श्यामधणी रो साथ है,

म्हारे साथी दीनानाथ है,

कईया होसी हार म्हाने श्यामधणी रो साथ है॥

कईया होसी हार.....।

सुख दुःख म्हे साँवरियो सदा साथ म्हारे,

छोड़े ना एकलो जद भी पुकारा हा,

झट दोड़यो आवे है चाहवे है मोकलो,

इनसु ऐसो प्यार म्हारी राखे हर यो बात है,

म्हारे साथी दीनानाथ है,

कईया होसी हार म्हाने श्यामधणी रो साथ है॥

कईया होसी हार.....।

म्हारी विपदा दूर करे म्हारी चिंता दूर करे,

करुणानिधि नाम है, हारे को साथी बन,

गिरते ने उठाने को इनको यो काम है,

संग है खेवणहार, म्हाने डरने की के बात है,

म्हारे साथी दीनानाथ है,

कईया होसी हार म्हाने श्यामधणी रो साथ है॥

कईया होसी हार.....।

म्हे श्याम भरोसे हा म्हे श्याम के लारे हा,

म्हे श्याम से आस करा पलका के झूले है,

म्हारो बाबो झूले है इनको ही ध्यान धरा,

गुट्टू की डोरी अब साँवरिये के हाथ है,

म्हारे साथी दीनानाथ है,

कईया होसी हार म्हाने श्यामधणी रो साथ है,

म्हारे साथी दीनानाथ है,

कईया होसी हार म्हाने श्यामधणी रो साथ है,

कईया होसी हार..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।