बोल बम बोल बम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बोल बम बोल बम,

बोल बम बोल बम,

बोल बम बोल बम,

बोल बम बोल बम,

हम चल पड़े बोल बम बोलते,

जायेंगे कांवर ले शिव के धाम पे,

भाव है सुहाने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

दास हम पुराने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

प्यार शिव से ही जब से है किया,

माँगा हमने जो भी, शिव ने वो ही दिया,

कह रहे मस्ताने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

बोल बम बोल बम,

बोल बम बोल बम।

रम गये है जो शिव अब नस नस में,

बहना है रे भक्ति के रस में,

दुःख सुख जिसके ही है बस में,

जाना है उसके ही दर,

ये जिसके सहारे जग पलता है, रथ हर एक ज़िन्दगी का चलता है,

जो स्वर्ग से अच्छा हमे लगता है, जाना है उस देव घर,

हुए हम परवाने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

भाव है सुहाने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

बोल बम बोल बम,

बोल बम बोल बम।

हँसते है कभी कभी रोते है, कभी पाते है हम कभी खोते है,

हम जागते है कभी सोते है, है सारे शिव के ही खेल,

गिरते है और कभी सँभलते है, रुकते है कभी कभी चलते है,

मौसम जो रंग बदलते है, है सारे शिव के ही खेल,

चुके ना निशाने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

भाव है सुहाने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

ये दुनिया में जो हो रहा, वो है सारी ही शिव की ही रज़ा,

भाव है सुहाने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

कह रहे मस्ताने शिव के, हम तो है दीवाने शिव के,

बोल बम बोल बम,

बोल बम बोल बम.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।