मेरे भोले भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय

एक बार भोले भक्तों की कांवड़ लाकर देखो,

गंगा जल में शिव लिंग लो स्नान करा कर देखो,

एक बार भोले भक्तों की कांवड़ लाकर देखो,

गंगा जल में शिव लिंग लो स्नान करा कर देखो,

भोले भर देंगे झोली हो जायेगा बेड़ा पार,

ऐसे भोले भंडारी जिनकी महिमा अपरम्पार,

जिनकी महिमा अपरम्पार,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी।

सब देवों में देव निराले मेरे ओ गडीदानी,

एक पल में ही वर देदे है ना करते है अनाकानी,

सब देवों में देव निराले मेरे ओ गडीदानी,

एक पल में ही वर देदे है ना करते अनाकानी,

चरणों में है दुनिया इनके ये है सबके दाता,

दीन दुखी दुखियारन के है भोले भाग्य विधाता,

है भोले भाग्य विधाता,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी।

‘रूबी नायक’ जब से भोले शरण तुम्हारे आयी,

तुमको माना अपना भोले दुनिया हुई परायी,

‘रूबी नायक’ जब से भोले शरण तुम्हारे आयी,

तुमको माना अपना भोले दुनिया हुई परायी,

एक बार भोले भक्तों की कांवड़ लाकर देखो,

गंगा जल में शिव लिंग लो स्नान करा कर देखो,

स्नान करा कर देखो,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी,

ओ मेरे भोले भंडारी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।