मेरे घर आये प्रभु राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जय जय राम राम राम जय सिया राम,

जय जय राम राम राम मेरे प्रभु राम

जय जय राम राम राम जय सिया राम,

जय जय राम राम राम मेरे प्रभु राम।

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम,

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम,

जनमों के पुन्य जागे,

जनमों के पुन्य जागे,

जनमों के पुन्य जागे,

कुटिया बनी है चारों धाम,

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम।

गुण मैं गाती थी जिनके,

दर्शन अब करती उनके,

हर ली हर इक मजबूरी,

कर दी हर आशा पूरी,

बिन माँगे दे दी ख़ुशी,

दुनिया भर की तमाम,

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम।

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम मेरे प्रभु राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम जय सिया राम।

इक टक रूप निहारूँ मैं,

तन मन अपना वारूँ मैं,

ऐसा मनमोहक दूजा,

और नहीं जग में होगा,

प्यास बुझी नैनों की,

मन को मिला आराम,

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम।

फल फूल ना मिसरी मेवा,

कुछ पास ना हे रघुदेवा,

खट्टे मीठे बेर धरे,

स्वीकारो हे नाथ मेरे,

लीला साहिल अतुल है,

कर बद्ध करूँ प्रणाम,

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम मेरे प्रभु राम,

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम

जय जय राम राम राम जय सिया राम,

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम,

गदगद भई शबरी मेरे घर आये प्रभु राम।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।